
भारत निर्माण
“आदर्श वाक्य — “भारत निर्माण: आत्मनिर्भरता की पहचान”
भारत निर्माण भारत पुत्र फाउंडेशन की एक व्यापक राष्ट्र निर्माण पहल है, जिसका उद्देश्य जागरूक नागरिक, संस्कारित समाज, सशक्त युवा और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
हमारा विश्वास है कि भारत का वास्तविक विकास केवल सड़कों, भवनों और तकनीक से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, नागरिक जिम्मेदारी, सामाजिक समरसता, आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध से होता है।
भारत निर्माण का संकल्प प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की प्रगति में सहभागी बनाते हुए “मैं” से “हम” और “हम” से “राष्ट्र” की भावना को मजबूत करना है।



प्रमुख उद्देश्य
04. आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत
स्थानीय क्षमता, कौशल, उद्यमिता, रोजगार, स्वावलंबन और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए आत्मनिर्भर समाज की दिशा में योगदान देना।
05. सामाजिक समरसता एवं एकता
जाति, क्षेत्र, भाषा और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर भाईचारे, समानता, सहयोग और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना।
06. जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकता
संविधान, कानून, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ऐसा नागरिक समाज विकसित करना जो राष्ट्रहित को अपने व्यक्तिगत दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा समझे।
07. विकसित भारत के संकल्प को जनआंदोलन बनाना
विकसित, आत्मनिर्भर, संस्कारित, स्वच्छ, सुरक्षित, समरस और सशक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प एवं सतत जनभागीदारी को बढ़ावा देना।
प्रमुख उद्देश्य
01. राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी
प्रत्येक नागरिक को अपने समय, ज्ञान, श्रम और सामर्थ्य के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना।
02. शिक्षा एवं संस्कार का विस्तार
शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति, अनुशासन, चरित्र निर्माण और कर्तव्यबोध को बढ़ावा देकर संस्कारित नागरिक समाज का निर्माण करना।
03. युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाना
युवाओं में नेतृत्व, कौशल, नवाचार, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित कर उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य का सहभागी बनाना।
हमारा संकल्प
भारत निर्माण केवल देश को विकसित बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र निर्माण का सहभागी बनाने का संकल्प है।
भारत का निर्माण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार का कार्य नहीं—यह प्रत्येक भारतीय की साझा जिम्मेदारी है।
जब नागरिक जागरूक होंगे, युवा आगे बढ़ेंगे, समाज संगठित होगा और हर व्यक्ति अपने कर्तव्य को समझेगा, तभी भारत की विकास यात्रा और अधिक मजबूत होगी।
भारत निर्माण — संस्कार से शक्ति, सहभागिता से प्रगति और संकल्प से विकसित भारत की ओर।
Smt. Anjum Saxena
President of Naari Nav Nirman
Ms. Kusumlata Kashyup
Secretary of Naari Nav Nirman
Smt. Neha Bhardwaj
Joint Secretary of Naari Nav Nirman
Ms. Shivani Chaudhary
Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman
