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धर्म सभा

आदर्श वाक्य: “धर्म से संस्कार, संस्कार से सदाचार, सदाचार से राष्ट्र निर्माण।”

धर्म सभा भारत पुत्र फाउंडेशन की एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य धर्म के वास्तविक स्वरूप, नैतिक मूल्यों, मानवीय कर्तव्यों, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना के प्रति समाज में जागरूकता विकसित करना है।

धर्म सभा के माध्यम से सत्य, अहिंसा, करुणा, सेवा, सहिष्णुता, कर्तव्यनिष्ठा एवं परोपकार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अंतर्गत विचार-विमर्श, नैतिक शिक्षा, आध्यात्मिक प्रवचन, भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद तथा सामाजिक सद्भाव से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य धर्म को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रखते हुए उसे मानवीय आचरण, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण से जोड़ना है। धर्म सभा सभी समुदायों के प्रति सम्मान, पारस्परिक सहयोग और मानवता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी।

“धर्म से संस्कार, संस्कार से सदाचार, सदाचार से राष्ट्र निर्माण।”

प्रमुख उद्देश्य

04. चरित्र निर्माण एवं संस्कारों का विकास

बच्चों और युवाओं में अनुशासन, विनम्रता, जिम्मेदारी, आत्मसंयम और सदाचार की भावना विकसित करके उन्हें आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना।

05. सेवा, परोपकार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करना

मानव सेवा, जरूरतमंदों की सहायता, वृद्धजनों के सम्मान, वंचित वर्गों के सहयोग तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों में भागीदारी की भावना जागृत करना।

06. आध्यात्मिक चेतना एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि का विकास

चिंतन, सत्संग, नैतिक संवाद और आत्ममंथन के माध्यम से व्यक्ति को अपने कर्तव्यों, व्यवहार और जीवन के उद्देश्यों को समझने के लिए प्रोत्साहित करना।

07. नैतिक एवं समरस समाज के निर्माण में योगदान देना

भ्रष्टाचार, भेदभाव, सामाजिक वैमनस्य और अनैतिक आचरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा न्याय, समानता, शांति और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज के निर्माण को प्रोत्साहित करना।

white and black abstract painting
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प्रमुख उद्देश्य

01. नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का प्रसार

सत्य, अहिंसा, करुणा, ईमानदारी, दया, क्षमा और परोपकार जैसे मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना तथा उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना।

02. भारतीय धर्म एवं ज्ञान परंपरा का प्रसार

भारतीय ग्रंथों, संतों, महापुरुषों और दार्शनिक परंपराओं में निहित नैतिक शिक्षाओं एवं जीवनोपयोगी विचारों से समाज को परिचित कराना।

03. सामाजिक सद्भाव एवं धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देना

विभिन्न धर्मों, आस्थाओं और परंपराओं के प्रति सम्मान विकसित करना तथा संवाद, सहयोग और पारस्परिक समझ के माध्यम से सामाजिक एकता को मजबूत करना।

हमारा संकल्प

“धर्म को आचरण में, संस्कारों को जीवन में और मानवता को सेवा में उतारकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना, जहाँ सत्य का सम्मान हो, सदाचार का पालन हो और प्रत्येक व्यक्ति के प्रति करुणा एवं सद्भाव का भाव हो।”

धर्म सभा — संस्कार से सदाचार, सदाचार से समाज सुधार।

worm's-eye view photography of concrete building
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woman wearing black scoop-neck long-sleeved shirt
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Smt. Anjum Saxena

President of Naari Nav Nirman

woman in black blazer with brown hair
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Ms. Kusumlata Kashyup

Secretary of Naari Nav Nirman

man standing near white wall
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Smt. Neha Bhardwaj

Joint Secretary of Naari Nav Nirman

woman smiling wearing denim jacket
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Ms. Shivani Chaudhary

Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman