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जल संचय

आदर्श वाक्य — “जल है तो कल है, जल बचाएँ—भविष्य बचाएँ”

जल संचय भारत पुत्र फाउंडेशन की एक पर्यावरण एवं जनजागरूकता आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।

जल केवल हमारी आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन का आधार, प्रकृति की अमूल्य धरोहर और आने वाली पीढ़ियों की विरासत है। जल की प्रत्येक बूंद हमारे वर्तमान को सुरक्षित करने और भविष्य को संवारने की क्षमता रखती है।

जल संचय का संकल्प है—जल की हर बूंद को सम्मान देना, उसका संरक्षण करना और समाज को जल के प्रति जिम्मेदार बनाना।

प्रमुख उद्देश्य

04. पारंपरिक एवं स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण
तालाब, कुएँ, जलाशय और अन्य स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और स्वच्छता के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना।

05. जनभागीदारी को मजबूत करना
समाज, विद्यालयों, युवाओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों को जल संरक्षण के प्रयासों से जोड़कर इसे सामूहिक जिम्मेदारी का स्वरूप देना।

06. जल एवं पर्यावरण के बीच संतुलन
जल संरक्षण को वृक्षारोपण, मिट्टी संरक्षण, हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जोड़ते हुए पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देना।

07. जल-सुरक्षित भविष्य का निर्माण
वर्तमान पीढ़ी में जल के प्रति जिम्मेदारी विकसित कर ऐसी जल-संरक्षण संस्कृति का निर्माण करना, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुरक्षित रह सके।

white and black abstract painting
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white and black abstract painting
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प्रमुख उद्देश्य

01. जल संरक्षण के प्रति जागरूकता
नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं में जल के महत्व तथा उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूकता विकसित करना।

02. वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहन
वर्षा के जल को संरक्षित एवं उपयोगी बनाने के लिए वर्षा जल संचयन की उपयोगी एवं स्थानीय स्तर पर अपनाई जा सकने वाली व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करना।

03. जल के विवेकपूर्ण उपयोग की संस्कृति
दैनिक जीवन में जल की अनावश्यक बर्बादी रोकने तथा आवश्यकता के अनुसार जल के जिम्मेदार और संयमित उपयोग की आदत विकसित करना।

हमारा संकल्प

जल संचय केवल पानी बचाने का अभियान नहीं, बल्कि जीवन और भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है।

जल की कमी केवल भविष्य की चिंता नहीं, बल्कि वर्तमान की जिम्मेदारी है।

हमारे छोटे-छोटे प्रयास—नल की अनावश्यक धार रोकना, वर्षा जल को संचित करना, जल स्रोतों को स्वच्छ रखना और समाज को जागरूक करना—एक बड़े परिवर्तन की शुरुआत बन सकते हैं।

हम यह संकल्प लें कि जल की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए और जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, हमारे जीवन का संस्कार बने।

जल संचय — बूंद-बूंद का संरक्षण, प्रकृति का सम्मान और सुरक्षित भविष्य की ओर एक सामूहिक संकल्प।

worm's-eye view photography of concrete building
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woman wearing black scoop-neck long-sleeved shirt
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Smt. Anjum Saxena

President of Naari Nav Nirman

woman in black blazer with brown hair
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Ms. Kusumlata Kashyup

Secretary of Naari Nav Nirman

man standing near white wall
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Smt. Neha Bhardwaj

Joint Secretary of Naari Nav Nirman

woman smiling wearing denim jacket
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Ms. Shivani Chaudhary

Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman