
लोक न्याय
“जन-जन का अधिकार, लोक न्याय अब हर द्वार”
लोक न्याय भारत पुत्र फाउंडेशन की एक जन-जागरूकता एवं सामाजिक पहल है, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति में न्याय, समानता, अधिकार, कर्तव्य और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित विषय नहीं है। न्याय की वास्तविक भावना तब सशक्त होती है, जब प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों को समझे, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करे और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहे।
हमारा प्रयास है कि कानूनी एवं संवैधानिक जागरूकता को सरल, सहज और जनसुलभ बनाया जाए, ताकि आम नागरिक अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझते हुए एक न्यायपूर्ण, समानतापूर्ण और जिम्मेदार समाज के निर्माण में सहभागी बन सके।



प्रमुख उद्देश्य
04. समानता एवं सामाजिक न्याय
समाज में भेदभाव, अन्याय और असमानता के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए सम्मान एवं समान अवसर की भावना को प्रोत्साहित करना।
05. न्याय के प्रति विश्वास
नागरिकों में कानून के शासन और न्यायपूर्ण व्यवस्था के प्रति विश्वास तथा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देना।
06. अधिकारों के साथ कर्तव्यों की चेतना
यह समझ विकसित करना कि अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
07. कमजोर एवं वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता
समाज के जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों, गरिमा और सम्मान के प्रति जन-जागरूकता एवं संवेदनशीलता को बढ़ावा देना।
08. जिम्मेदार नागरिक समाज का निर्माण
ऐसे नागरिकों को प्रोत्साहित करना जो कानून का सम्मान करें, अपने कर्तव्यों का पालन करें और समाज में न्यायपूर्ण वातावरण बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाएँ।
प्रमुख उद्देश्य
01. कानूनी एवं संवैधानिक जागरूकता
नागरिकों को उनके मूल अधिकारों, कर्तव्यों तथा कानून के प्रति सामान्य समझ विकसित करने के लिए जागरूक करना।
02. सरल भाषा में न्याय की समझ
कानूनी एवं संवैधानिक विषयों को सरल और जनसुलभ भाषा में समाज तक पहुँचाने का प्रयास करना।
03. संविधान के प्रति सम्मान
न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान और प्रतिबद्धता विकसित करना।
हमारा संकल्प
लोक न्याय का संकल्प है कि न्याय केवल एक शब्द न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक के व्यवहार, विचार और सामाजिक जीवन का मूल्य बने।
हम मानते हैं कि जागरूक नागरिक ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और जागरूक समाज ही न्यायपूर्ण राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
न्याय केवल माँगने का विषय नहीं, न्यायपूर्ण समाज बनाने की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लोक न्याय — जागरूक नागरिक, न्यायपूर्ण समाज और सशक्त राष्ट्र की ओर एक सार्थक कदम।
Smt. Anjum Saxena
President of Naari Nav Nirman
Ms. Kusumlata Kashyup
Secretary of Naari Nav Nirman
Smt. Neha Bhardwaj
Joint Secretary of Naari Nav Nirman
Ms. Shivani Chaudhary
Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman
