एक कदम विश्व गुरु भारत की ओर

पुस्तक प्रेम

आदर्श वाक्य — “आओ मिलकर अलख जगाएँ, हर हाथ में एक किताब थमाएँ!”

पुस्तक प्रेम भारत पुत्र फाउंडेशन की एक ज्ञान एवं शैक्षिक पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में पठन-पाठन की संस्कृति, ज्ञान के प्रति जिज्ञासा और पुस्तकों के प्रति आत्मीयता को बढ़ावा देना है।

पुस्तक केवल कागज़ के पन्नों का संग्रह नहीं होती; वह अनुभवों की विरासत, विचारों का संसार और भविष्य को दिशा देने वाला प्रकाश होती है। एक अच्छी पुस्तक किसी व्यक्ति की सोच बदल सकती है, उसके भीतर नई संभावनाएँ जगा सकती है और उसे अपने जीवन तथा समाज के प्रति अधिक जागरूक बना सकती है।

हमारा प्रयास है कि पुस्तकें केवल अलमारियों की शोभा न बनें, बल्कि हर हाथ तक पहुँचें और हर मन में ज्ञान का दीप जलाएँ।

“आओ मिलकर अलख जगाएँ, हर हाथ में एक किताब थमाएँ!”

प्रमुख उद्देश्य

05. व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण
उत्तम साहित्य के माध्यम से नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता, अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना।

06. पुस्तक साझा करने की संस्कृति
पुस्तकों के आदान-प्रदान, पुस्तक दान और सामुदायिक पुस्तकालय जैसी गतिविधियों के माध्यम से ज्ञान को साझा करने की भावना विकसित करना।

07. बच्चों एवं युवाओं को प्रोत्साहन
कम उम्र से ही पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित कर उन्हें ज्ञान, कल्पना और सीखने की सकारात्मक दुनिया से जोड़ना।

08. सामुदायिक ज्ञान केंद्रों को बढ़ावा देना
समाज में ऐसे पुस्तकालय एवं पठन केंद्र विकसित करने के प्रयास करना, जहाँ हर व्यक्ति सीखने और पढ़ने का अवसर प्राप्त कर सके।

white and black abstract painting
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white and black abstract painting
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प्रमुख उद्देश्य

01. पठन संस्कृति का विकास
बच्चों, युवाओं और नागरिकों में नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने की आदत एवं रुचि विकसित करना।

02. ज्ञान तक पहुँच को बढ़ावा देना
आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पुस्तकों से दूर रहने वाले विद्यार्थियों एवं जरूरतमंदों तक उपयोगी पुस्तकों की पहुँच बढ़ाना।

03. चिंतन एवं सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करना
पठन के माध्यम से जिज्ञासा, तार्किक सोच, कल्पनाशक्ति, विचारशीलता और रचनात्मक क्षमता का विकास करना।

04. भारतीय ज्ञान एवं साहित्य से जुड़ाव
भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, दर्शन, विज्ञान एवं ज्ञान-परंपरा से नई पीढ़ी को परिचित कराना।

हमारा संकल्प

पुस्तक प्रेम का संकल्प है कि ज्ञान किसी एक व्यक्ति की संपत्ति बनकर सीमित न रहे, बल्कि पढ़ने, बाँटने और साझा करने से समाज की सामूहिक शक्ति बने।

हम मानते हैं—

एक पुस्तक एक विचार जगा सकती है,
एक विचार एक जीवन बदल सकता है,
और एक जागरूक जीवन समाज को नई दिशा दे सकता है।

इसी विश्वास के साथ हमारा प्रयास है कि हर बच्चे के हाथ में पुस्तक, हर युवा के मन में जिज्ञासा और हर समाज में ज्ञान का वातावरण विकसित हो।

पुस्तक प्रेम — ज्ञान का विस्तार, संस्कारों का विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक सार्थक कदम।

worm's-eye view photography of concrete building
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woman wearing black scoop-neck long-sleeved shirt
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Smt. Anjum Saxena

President of Naari Nav Nirman

woman in black blazer with brown hair
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Ms. Kusumlata Kashyup

Secretary of Naari Nav Nirman

man standing near white wall
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Smt. Neha Bhardwaj

Joint Secretary of Naari Nav Nirman

woman smiling wearing denim jacket
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Ms. Shivani Chaudhary

Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman