एक कदम विश्व गुरु भारत की ओर

समर्पण

आदर्श वाक्य — “भूख मिटाओ, मानवता जगाओ!”

समर्पण भारत पुत्र फाउंडेशन की एक मानवीय Donation Drive है, जिसका उद्देश्य समाज के जरूरतमंद, वंचित एवं असहाय लोगों तक आवश्यक सहायता पहुँचाकर उनके जीवन में सम्मान, आशा और मानवीय संवेदना का संचार करना है।

हम मानते हैं कि किसी के पास भोजन की कमी हो, तन ढकने के लिए पर्याप्त वस्त्र न हों या जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई हो—तो समाज की जिम्मेदारी केवल उसे देखना नहीं, बल्कि उसके साथ खड़ा होना है।

एक निवाला किसी की भूख मिटा सकता है, एक वस्त्र किसी की गरिमा बचा सकता है और आपका छोटा-सा सहयोग किसी परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।

समर्पण का उद्देश्य केवल दान एकत्र करना नहीं, बल्कि समाज में देने, बाँटने और साथ निभाने की संस्कृति को मजबूत करना है।

“भूख मिटाओ, मानवता जगाओ!”

प्रमुख उद्देश्य

05. जरूरतमंद परिवारों तक पहुँच
समाज के ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करना, जो वास्तव में सहायता के पात्र हैं।

06. दान से सेवा, सेवा से सामाजिक परिवर्तन
व्यक्तिगत सहयोग को सामूहिक सेवा में परिवर्तित कर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में योगदान देना।

07. समाज में संवेदना का विस्तार
बच्चों, युवाओं और नागरिकों में यह भावना विकसित करना कि समाज की प्रगति तभी सार्थक है जब उसमें प्रत्येक जरूरतमंद के लिए संवेदना हो।

08. सशक्त एवं संवेदनशील समाज का निर्माण
ऐसे समाज की स्थापना में योगदान देना जहाँ कोई व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में स्वयं को अकेला और उपेक्षित महसूस न करे।

प्रमुख उद्देश्य

01. भूख के विरुद्ध संवेदनशील प्रयास
जरूरतमंद एवं वंचित लोगों तक भोजन और आवश्यक खाद्य सामग्री पहुँचाने में सहयोग करना।

02. आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता
जरूरतमंद परिवारों एवं व्यक्तियों तक उपयोगी वस्त्र और दैनिक जीवन की आवश्यक सामग्री पहुँचाना।

03. मानवीय सहयोग की भावना विकसित करना
समाज के सक्षम वर्ग को जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करना और सेवा-भाव को जनभागीदारी से जोड़ना।

04. सम्मान के साथ सहायता
सहायता प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, सम्मान और आत्मसम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।

हमारा संकल्प

समर्पण का संकल्प है—जरूरतमंद तक सहायता पहुँचाना और सहायता के साथ सम्मान भी देना।

हमारा विश्वास है कि सेवा की महानता दान की राशि में नहीं, बल्कि उस भावना में होती है जिसके साथ वह दिया जाता है।

कभी एक मुट्ठी अन्न,
कभी एक जोड़ी वस्त्र,
कभी आवश्यक सामग्री,
और कभी केवल किसी का साथ—
हर छोटा योगदान मानवता की बड़ी शक्ति बन सकता है।

क्योंकि भूख किसी की पहचान नहीं होती। जरूरत किसी का दोष नहीं होती। और सहायता केवल दान नहीं—मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

समर्पण — आपकी संवेदना, किसी की आवश्यकता; आपका सहयोग, किसी की आशा।

woman wearing black scoop-neck long-sleeved shirt
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Smt. Anjum Saxena

President of Naari Nav Nirman

woman in black blazer with brown hair
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Ms. Kusumlata Kashyup

Secretary of Naari Nav Nirman

man standing near white wall
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Smt. Neha Bhardwaj

Joint Secretary of Naari Nav Nirman

woman smiling wearing denim jacket
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Ms. Shivani Chaudhary

Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman