
वृक्ष वंदना
"वृक्षो रक्षति रक्षितः"
वृक्ष वंदना भारत पुत्र फाउंडेशन की एक पर्यावरणीय पहल है, जिसका उद्देश्य वृक्षों को केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और मानव सभ्यता के आधार के रूप में सम्मान देना है। हमारा प्रयास है कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम न रहकर वृक्ष संरक्षण और संवर्धन का सतत जन-अभियान बने।
एक वृक्ष केवल छाया नहीं देता, वह किसी के लिए शुद्ध वायु, किसी के लिए आश्रय, किसी पक्षी के लिए घर और आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार होता है। इसलिए वृक्ष लगाना हमारा कर्तव्य है और उसे जीवित रखना हमारा संकल्प।



प्रमुख उद्देश्य
04. पक्षियों एवं जीव-जंतुओं के लिए प्राकृतिक आवास — ऐसे वृक्षों एवं हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देना जो स्थानीय जैव-विविधता को सहारा प्रदान करें।
05. बच्चों एवं युवाओं में पर्यावरणीय संस्कार — नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक बनाना।
06. विरासत वृक्षों का संरक्षण — पुराने एवं महत्वपूर्ण वृक्षों के संरक्षण के प्रति समाज में सम्मान और जागरूकता विकसित करना।
07. प्रकृति संरक्षण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना — स्वच्छ, हरित, स्वस्थ और सतत भारत के निर्माण में नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करना।




प्रमुख उद्देश्य
01. वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाना — अधिक से अधिक नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों और समुदायों को वृक्षारोपण से जोड़ना।
02. वृक्ष संरक्षण एवं संवर्धन — लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करना।
03. प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण — हरित क्षेत्र बढ़ाकर वायु गुणवत्ता, मिट्टी, जल एवं जैव-विविधता के संरक्षण में योगदान देना।
हमारा संकल्प
“एक पौधा लगाएँ, उसे अपना मानें और उसके वृक्ष बनने तक उसका साथ निभाएँ।”
वृक्ष वंदना का संदेश स्पष्ट है—
प्रकृति हमें जीवन देती है, अब प्रकृति की रक्षा करना हमारा दायित्व है।
आइए, वृक्ष को केवल लगाएँ नहीं, उसे पालें, बचाएँ और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएँ।
वृक्ष वंदना — प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी।











Smt. Anjum Saxena
President of Naari Nav Nirman
Ms. Kusumlata Kashyup
Secretary of Naari Nav Nirman
Smt. Neha Bhardwaj
Joint Secretary of Naari Nav Nirman
Ms. Shivani Chaudhary
Social Media Coordinator of Naari Nav Nirman
